Today’s talk: Parat and Som Thakur composition – then the mind became hopeful

                
                                                             
                            परत का अर्थ है- सतह पर फैली हुई वस्तु की मोटाई, तह। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- परत। प्रस्तुत है सोम ठाकुर की रचना- फिर मन आषाढ़ हो चला 
                                                                     
                            

फिर 
मन आषाढ़ हो चला 
तैरती रुई धुनी हुई। 

बंद हवा लिखती है देह भर पसीना 
दीवारों में कसी हुई। 
माथे पर हाथ रखे बैठी है 
तबियत होकर छुईमुई। 
चप्पा-चप्पा खड़ी उमस 
परत-दर-परत चुनी हुई। 

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6 minutes ago

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